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वीडियो वायरल, शिकायत सही और फिर कार्रवाई, मुख्यमंत्री ने दिखाया सख्त तेवर, सीईओ निलंबित

वीडियो वायरल, शिकायत सही और फिर कार्रवाई, मुख्यमंत्री ने दिखाया सख्त तेवर, सीईओ निलंबित

रायपुर, 1 जून 2026। छत्तीसगढ़ में जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है। सुशासन तिहार के दौरान आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से कथित बदसलूकी और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर दुर्ग संभागायुक्त ने निलंबन आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम थनौद में आयोजित शिविर के दौरान आम नागरिकों के साथ अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप और कलेक्टर दुर्ग की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। मामले में सीईओ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि सरकार की योजनाएं और शिविर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हैं, न कि अधिकारियों की मनमानी और अहंकार दिखाने के लिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सुशासन का सबसे बड़ा आधार जनता के प्रति सम्मान और जवाबदेही है। यदि कोई अधिकारी अपने पद के प्रभाव में आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सत्यनिष्ठ, कर्तव्यपरायण और शिष्ट व्यवहार वाला होना अनिवार्य है। आम जनता के प्रति अशिष्टता न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करती है।

प्रदेश में यह कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता से दुर्व्यवहार, लापरवाही और अहंकार का प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सीधे कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री की इस सख्ती से यह संकेत भी गया है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान और जवाबदेह प्रशासन की वास्तविक परीक्षा है।

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“जनता का सम्मान सर्वोपरि है, और जो अधिकारी इसे नहीं समझेंगे, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होगा” — यही संदेश इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले को दिया गया है।

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